इक तेरे होने से
इक तेरे होने से आती है जिंदगी में खुशियाँ, इक तेरे होने से पतझड़ में बहार आती है । सबसे हसीं मुस्कान तेरी, तेरी अदा पर रब को भी खुमार आती है । फूलों में महक, परिंदे में चहक, इक तेरे होने से चाँदनी में हया आती है ।। ये वादे, ये कसमें, संग जुड़ने की रस्में, इक तेरे होने से सादी रातों में भी रंगीन ख़्वाब आती है ।। ये इश्क़ की बातें , तेरे बालों से रश्के, इक तेरे होने से सय्याद को भी इश्फ़ाक आती है।। खुमार- नशा हया- शर्म रश्के -जलन सय्याद- शिकारी इश्फ़ाक - दया